बिखरने के बहाने तो बहुत मिल जाएंगे
आओ हम जुड़ने का अवसर ढूंढे

हम रिश्तो के लिए वक्त नहीं निकालते
तो वक्त हमारे बीच से रिश्ता ही निकाल लेता है

जो धरती का अंतिम पेड़ काटा जाएगा
और इस संसार की अंतिम नदी जहरीली हो जाएगी

तब शायद हम समझ पाएंगे
कि हम पैसों को खा नहीं सकते

बस दिलों को जीतने का मक़सद रखो
दुनिया जीतकर तो सिकंदर भी खाली हाथ गया

Inspirational Motivation Thought अनमोल शब्द Heart Touching

मैं इंसानियत में बसता हूँ 
और लोग मुझे मजहबों में ढूंढते हैं
मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारों
में क्या ढूंढते हो मुझे
मैं वहां भी हूं जहां तुम गुनाह करते हो
उल्फतें, नफरतें, ख्वाहिशें, शोहरतें
सदा एक सी रहती नहीं
आज तू है जहां, कल कोई और था
यह भी एक दौर है वह भी एक दौर था

अंधेरे में जब हम दिया हाथ में लेकर चलते हैं
तो हमें यह भ्रम रहता है
कि हम दिए को लेकर चल रहे हैं
जबकि सच्चाई एकदम उल्टी है
दिया हमें लेकर चल रहा होता है

दो चीजों की
गिनती करना छोड़ दो
खुद का दु:ख और दूसरों का सुख
जिंदगी आसान हो जाएगी

बचपन में सबसे ज्यादा पूछा गया सवाल
बड़े होकर क्या बनना है
जवाब अब मिला फिर से बच्चा बनना है

जिंदगी में
सारा झगड़ा ही ख्वाहिशों का है
न तो किसी को ग़म चाहिए
न किसी को कम चाहिए
वो बुलंदिया भी किस काम की जनाब
इंसान चढ़े और इंसानियत उतर जाए

तारीफ करने वाली बेशक
आपको पहचानते होंगे
मगर फिक्र करने वालों को
आपको ही पहचाना होगा
नेकिया कर के दरिया में जो डाली है
तूफान वहीं आएंगी कश्तियां बनके

अगर किसी परिस्थिति में
आपके पास सही शब्द
नहीं है तो सिर्फ मुस्कुरा दीजिए
शब्द उलझा सकते हैं
पर मुस्कुराहट हमेशा काम पर जाती है

कर्ण ने महाभारत में कहा था
कि दोस्त दुर्योधन मुझे मृत्यु से भय नहीं लगता
मगर भगवान श्री कृष्ण के
निश्छल मुस्कान मेरे संपूर्ण अस्तित्व को
भीतर से हीला देती है

रिश्तो का क्षेत्रफल भी
कितना अजीब है
लोग लंबाई चौड़ाई तो नापते हैं
पर गहराई तो कोई देखता ही नहीं

अपनी जुबां से किसी की बुराई मत करो
क्योंकि बुराइयां तुममें भी है
और जुबां दूसरों के पास भी है

लोग किसी के बारे में
अच्छा सुनने पर शक करते हैं
और बुरा सुनने पर तुरंत यकीन कर लेते हैं

मुस्कुराहट और आंसू
इन दोनों का एक साथ मिलना बहुत मुश्किल है
पर जब ये मिलते हैं
वो पल सबसे खूबसूरत होता है

ये किसकी दुआओं ने
सर पर हाथ रखा है
हजारों मुश्किल है
फिर भी थाम रखा है

हजार गलतियों के बावजूद
हम अपने आप से प्यार करते हैं
तो फिर किसी की एक गलती के लिए
उससे नफरत क्यों करने लगते हैं

लोगों को भरपूर सम्मान दीजिए
इसी नहीं कि उनका अधिकार है
बल्कि इसलिए कि आपमें संस्कार है

मौत तब नहीं आती
जब इंसान मरता है
 मौत तो तभी आती है
जब एहसास मरता है

बिना एहसास के
जिंदा इंसान का भी क्या वजूद

जो तुम्हें सच में चाहेगा
वो तुमसे कुछ नहीं चाहेगा

हर फैसला सोच समझ कर लो
क्योंकि हर फैसले के अंदर
उसका अंजाम ऐसे छिपा होता है
जैसे बीज के अंदर पेड़

अच्छे के साथ अच्छे रहो
पर बुरे के साथ बुरा मत रहो
क्योंकि तुम पानी से कीचड़ साफ कर सकते हो
पर कीचड़ से कीचड़ नहीं

जिंदगी में सब लोग
रिश्तेदार या दोस्त बन कर नहीं आते
कुछ लोग सबक बन कर भी आते हैं

भूखा पेट
खाली जेब झूठा प्रेम
इंसान को
जीवन में बहुत कुछ सीखा जाता है

अक्ल छोटी हो जाए
तो जुबान लंबी हो जाती है

इंसान जुबाँ के परदे के पीछे ही छिपा होता है
अगर उसे जानना है तो उसे बोलने दीजिए

बेहतरीन इंसान अपनी जुबान से ही पहचाना जाता है
वरना अच्छी बातें तो दीवारों पर भी लिखी होती है

कुछ लोग कितने गरीब होते हैं
उनके पास दौलत के
अलावा कुछ नहीं होता

जब भी किसी के लिए
दिल से तारीफ निकले तो
फ़ौरन कर डालीये
और अगर सिर्फ जुबाँ से निकले
तो रुक जाइए

इंसान के अंदर
जो झलके वह स्वाभिमान है
और जो बाहर झलके अभिमान है

कितनी अजीब फितरत है
न हम इंसानों की हम समझौता चाहते हैं
जब हम गलत होते हैं
और हम इंसाफ चाहते हैं
जब कोई दूसरा गलत होता है

ताउम्र बस एक सबक याद रखना
इश्क और इबादत में नियत साफ रखना

हंसती पलकों के नीचे
ग़म भी पला करते हैं
मगर कौन देखता है इतनी गहराई में

कभी किसी के सामने सफाई पेश मत करो
क्योंकि जिसे तुम पर यकीन होगा
उसे सफाई की जरूरत नहीं
और जिसे तुम पर यकीन नहीं
तो वह कभी मानेगा नहीं

अगर जिंदगी में सुकून चाहते हो
तो लोगों की बातों को दिल से लगाना छोड़ दो

बदल जाऊं
तो मेरा नाम वक्त रखना
थम जाऊं तो हालात
झलक जाऊं तो
मुझे जज्बात कहना
महसूस हो जाओ तो दोस्त

  इतने छोटे बनिए
की हर कोई आपके साथ बैठ सकें
और इतने बड़े बनिए
कि जब आप खड़े हो तो कोई बैठा ना रहे

रिश्ते अंकुरित होते हैं प्रेम से
जिंदा रहते हैं संवाद से
महसूस होते हैं संवेदनाओ से
जिए जाते हैं दिल से
मुरझा जाते हैं ग़लतफ़हमियो से
बिखर जाते हैं अहँकार से
और मर जाते हैं शीत युद्ध से

जीवन में जब भी बुरा वक्त आता है
तो यही ख्याल आता है
कि ईश्वर मेरी तकलीफ देख क्यों नहीं रहा
मेरी प्रार्थनायें सुन नहीं रहा
कुछ कर क्यों नहीं रहा
उस वक्त बस इतना याद रखना
 के जब इम्तिहान चल रहे होते हैं
तो शिक्षक सदैव मौन रहता है

कई बार जिंदगी में
ऐसे मोड़ भी आते हैं
कि इंसान अगर शिकायत बोल दे
तो रिश्ते मर जाते हैं
और अगर दिल में रखे तो वो खुद मर जाता है

किसी ने बर्फ़ से पूछा
आप इतनी ठंडे क्यों हो
बर्फ में बहुत खूबसूरत जवाब दिया
मेरा अतीत भी पानी मेरा भविष्य भी पानी
फिर गर्मी किस बात की रखूं

मतलब और स्वार्थ के
रिश्ते कोयले की तरह होते हैं
जब गर्म होते हैं तो
छूने वाले को जला देते हैं
और जब ठंडे होते हैं
तो हाथ काले कर देते हैं

अपनी उम्मीद की टोकरी खाली कर दीजिए
परेशानियां नाराज होकर खुद चले जाएंगी

गुस्सा अकेला आता है
मगर हमसे हमारी अच्छाइयां ले जाता है
सब्र भी अकेला आता है
मगर सारी अच्छाइयां देकर जाता है

मोतियों की तो आदत है
बिखर जाने की
ये तो बस धागे की ज़िद है
सबको पीरो के रखने की
काबिले तारीफ तो धागा है ज़नाब
जिसने सबको जोड़ रखा है

गुज़र जाते हैं खूबसूरत लमहे
युहीं मुसाफिरों की तरह
यादें वही खड़ी रह जाती है
रूके रास्तों की तरह

एक उम्र के बाद
उस उम्र की बातें
उम्र भर याद आती है
पर वह उम्र उम्र भर नहीं आती

अभीमान तब होता है
जब आपको लगता है
कि आपने कुछ किया
और सम्मान तब मिलता है
जब लोगों को लगता है
कि आपने कुछ किया

जीवन की चादर में
सांसों के ताने बाने हैं
दुःख कि थोड़ी सी सिलवट है
खुशियों के फूल सुहाने हैं

क्यों सोचे आगे क्या होगा
अब कल के कौन ठीकाने हैं
ऊपर बैठा वो बाजीगर जाने
क्या मन में ठानी है
चाहे जितना भी जतन करो
भरने का दामन तारों से
झोली में वोही आएंगे जो तेरे नाम दाने हैं

कभी जो जिंदगी में थक जाओ
 तो किसी को
कानों कान खबर ना होने देना
लोग टूटी हुई ईमारत की ईंट तक उठा ले जाते हैं

तुम चाह भी नहीं सकते
अगर खुदा ने चाहे

जरूरी नहीं कि किसी की आह और बद्दुआ
ही तुम्हारा पीछा कर रही हो
कई बार किसी का जप
और बेपनाह सब्र भी तुम्हारी खुशियों को रोक लेता है

कोई हाथ से छीन कर ले जा सकता है
मगर नसीब से नहीं
इंसान की मर्जी और ईश्वर की मर्जी का फर्क ही ग़म है

कल एक इंसान रोटी मांग कर ले गया
और करोड़ों की दुआएं दे गया
पता ही नहीं चला कि गरीब मैं थी या वो

इंसान अच्छा था
ये लब्ज़ तब सुनने को मिलते हैं
जब इंसान ही नहीं रहता

बंधी है हाथ में सभी के घड़ियां
मगर पकड़ में एक लम्हा भी नहीं

कितने चालाक है कुछ मेरे अपने भी
तोहफे में घड़ी तो दी मगर कभी वक्त नहीं दिया

दुआ तो दिल से मांगी जाती है
जुबां से नहीं
कुबूल तो उसकी भी होती है
जिसकी जुबान नहीं

पीठ हमेशा मजबूत रखिये
क्योंकि शाबाशी और धोखा हमेशा पीछे से ही मिलते हैं

अपनी उम्र और दौलत पर कभी ऐतबार मत करना
क्योंकि जो गिनती में आ गया वो लाजमी खत्म होने वाला है

जब भी गुनाह करने का दिल करे
तू चार बातें याद करना
भगवान देख रहा है
फ़रिश्ते लिख रहे हैं
मौत हर हाल में आनी है
और वापसी का टिकट
भगवान ने साथ देकर भेजा है

कुछ सवालों के जवाब
सिर्फ वक्त देता है
और जो जवाब वक्त देता है
वो लाजवाब होते हैं

दो तरह के इंसानो से हमेशा होशियार रहो
एक वो
जो तुममें वो कमी बताएं
जो तुममें नहीं
और दूसरे वो जो तुममें वो खूबी बताएं
जो तुममे नहीं झूठ का भी एक जायका होता है
खुद बोलो तो मीठा लगता है
और कोई और बोले तो कड़वा
जब इंसान समझता है
कि वो गलत भी हो सकता है
तब वो ठीक होने लगता है

पिता की दौलत पर क्या घमंड करना
मजा तो तब है जब दौलत अपनी हो और घमंड पिता करें

ए खुदा एक आईना कुछ ऐसा बना दे
जो चेहरा नहीं नियत दिखा दे

शतरंज में वजीर और जिंदगी में ज़मीर अगर मर जाए
तो खेल खत्म समझीये

इंसान की इंसानियत तब खत्म हो जाती है
जब उसे दूसरों के दुखों पर हंसी आने लगे

एक बात हमेशा याद रखना
जिंदगी में कभी किसी को धोखा ना देना
धोखे में बड़ी जान होती है
यह कभी नहीं मरता
घूम कर एक दिन आपके पास ही पहुंच जाता है
क्योंकि इसको अपने ठिकाने से बहुत मोहब्बत होती है

अजीब तरह से गुजरती है जिंदगी
सोचा कुछ, किया कुछ, हुआ कुछ और मिला कुछ

मेरी गलतियां, मेरी कमियां
मेरे सारे दोष अनदेखा कर देना
क्योंकि मैं जिस माहौल में रहता हूं
उसे दुनिया कहते हैं

साहिल पर बैठके
यूँ सोचते है आज कौन ज्यादा मजबूर है
वो किनारा जो चल नहीं सकता
या वो लहर जो ठहर नहीं सकती

मैं कैसे कह दूं कि बदले में कुछ नहीं मिला
सबक कोई छोटी सी चीज तो नहीं
ये मुश्किलें, ये कशमकश
ये जद्दोजहद ये दुश्वारियां
ए जिंदगी तू लाख नखरे दिखा
तुझसे इश्क है तो है

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